

अंबिकापुर: सरगुजा पुलिस ने किरायेदारों के पुलिस सत्यापन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में थाना गांधीनगर क्षेत्र के एक मकान मालिक को किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने और पुलिस को सूचना नहीं देने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार जिला दंडाधिकारी के पूर्व आदेश के बावजूद आरोपी मकान मालिक राहुल विश्वकर्मा ने अपने मकान में किरायेदारों को रखने से पहले उनका सत्यापन नहीं कराया और न ही संबंधित थाना में इसकी सूचना दी। जांच के दौरान सामने आया कि उन्हीं किरायेदारों पर 13 मई 2026 को गांधीनगर थाना क्षेत्र में डकैती और आर्म्स एक्ट से जुड़ी गंभीर वारदात को अंजाम देने का आरोप है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मकान मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि कई अपराधी दूसरे शहरों या राज्यों से आकर फर्जी पहचान के साथ किरायेदार बनकर रहते हैं और वारदात के बाद फरार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में मकान मालिक के पास किरायेदार की सही जानकारी नहीं होने से जांच प्रभावित होती है। इसी वजह से सभी मकान मालिकों के लिए किरायेदारों का सत्यापन कराना जरूरी है।
सरगुजा पुलिस ने बताया कि अब किरायेदार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस के 'समाधान ऐप' और सीसीटीएनएस नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन सत्यापन कराया जा सकता है। वहीं, संबंधित थाना में जाकर ऑफलाइन सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मकान किराए पर देने से पहले किरायेदार का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति या अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी मिले तो तत्काल सरगुजा पुलिस हेल्पलाइन 9479193599 या डायल 112 पर सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।समाधान ऐप के जरिये डिजिटल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ पुलिस की नई पहल समाधान ऐप (Samadhaan App) और CCTNS पोर्टल (citizen.cgpolice.gov.in) के जरिए अब किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) बेहद आसान और डिजिटल हो गया है।
डिजिटल वेरिफिकेशन कैसे करें
आवश्यक दस्तावेज (Documents)
मकान मालिकः पते का प्रमाण (वोटर ID/DL) और स्वामित्व के कागजात।
किरायेदार: ID प्रमाण (पैन कार्ड/ वोटर ID), स्थायी पता, पासपोर्ट फोटो, रोजगार विवरण और रेंट एग्रीमेंट।
स्टेप-बाय स्टेप प्रक्रिया :-
1. डाउनलोड व रजिस्ट्रेशन: 'Samadhaan' ऐप डाउनलोड करें या पोर्टल पर OTP के जरिए अकाउंट बनाएं।
2. सेवा चयन:Citizen Services' में जाकर 'Tenant Verification' चुनें।
3. विवरण भरें: मकान मालिक, किरायेदार और 2 स्थानीय गवाहों की जानकारी दर्ज करें।
4. अपलोड व सबमिटः दस्तावेज व फोटो अपलोड कर सबमिट करें और पावती (Receipt) सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन वेरिफिकेशन कैसे करें :
ऑफलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए मकान मालिक अपने संबंधित थाना में जाकर किरायेदार सत्यापन फॉर्म भरकर आवश्यक जानकारी थाना में उपलब्ध कराएं वेरिफिकेशन फॉर्म के साथ किरायेदार और मकान मालिक का पहचान प्रमाण पत्र, रेंट एग्रीमेंट और फोटो आदि जरूरी कागजात जमा करने होते हैं। जो बहुत ही आसान एवं तत्काल हो जानी वाली प्रक्रिया है।
किरायदार वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?
वेरिफिकेशन के क्रम में पुलिस टीम द्वारा किरायदार का डिजिटल क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक किया जाता है और भौतिक सत्यापन भी किया जाता है।
असामाजिक तत्वों को शहर में छिपने अथवा पनाह लेने से रोकता है।
बिना सूचना मकान किराए पर देना कानूनन अपराध है। किसी अवैध गतिविधि पर मकान मालिक को भी उतना ही जिम्मेदार माना जायगा।
आपातकालीन स्थिति या विवाद/अपराध की स्थिति में पुलिस को किरायदारो का रिकॉर्ड मदद करने में सहायक सिद्ध होता है।










