

मध्य प्रदेश : मुरैना जिले की पोरसा तहसील स्थित एक लोक सेवा केंद्र पर कथित रूप से फर्जी मूल निवासी प्रमाण-पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि केंद्र से जारी किए गए कुछ प्रमाण-पत्रों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिससे सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर सामने आया अलग नाम
जानकारी के अनुसार, कुछ मूल निवासी प्रमाण-पत्रों के क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित आवेदक की जानकारी के बजाय किसी अन्य युवती का नाम दिखाई दे रहा है। इस कथित गड़बड़ी के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कई प्रमाण-पत्र मिलने का आरोप
आरोप यह भी है कि कई अलग-अलग मूल निवासी प्रमाण-पत्रों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया गया है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह सरकारी रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का संकेत माना जाएगा।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी दस्तावेजों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और प्रशासनिक लापरवाही का मामला होगा। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रशासन की ओर से अभी नहीं आया आधिकारिक बयान
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित लोक सेवा केंद्र संचालक या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद होगी स्थिति साफ
फिलहाल यह मामला आरोपों के स्तर पर है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रमाण-पत्रों में तकनीकी त्रुटि हुई है या फिर किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा किया गया है। ऐसे मामलों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











