MP News: मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे जाति प्रमाण पत्र विवाद में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को बड़ी राहत मिली है। राज्यस्तरीय छानबीन समिति ने जांच के बाद उनके अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को वैध मान लिया है। समिति के फैसले के बाद उन आरोपों पर भी विराम लग गया है, जिनमें प्रतिमा बागरी के राजपूत होने का दावा किया जा रहा था।

जांच में आरोपों के पक्ष में नहीं मिले ठोस प्रमाण

जाति प्रमाण पत्र की जांच करने वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से ऐसे कोई पुख्ता दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं किए गए, जो प्रतिमा बागरी के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को गलत साबित कर सकें।

वहीं, प्रतिमा बागरी और उनके परिवार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड, जाति संबंधी प्रमाण और अन्य सरकारी दस्तावेज सामने आए। इन दस्तावेजों में वर्ष 1950 से लेकर वर्तमान समय तक के रिकॉर्ड शामिल थे, जो उनके अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होने की पुष्टि करते हैं।

6 जुलाई को समिति के सामने पेश हुई थीं प्रतिमा बागरी

इस मामले में प्रतिमा बागरी 6 जुलाई को राज्यस्तरीय छानबीन समिति के सामने उपस्थित हुई थीं। इस दौरान उन्होंने अपने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेज समिति को सौंपे थे।

मंत्री ने समिति के सामने बताया था कि उन्होंने अपने पक्ष में करीब 110 साल पुराने रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किए हैं, जिनसे उनके परिवार की जातिगत पहचान स्पष्ट होती है।

कांग्रेस नेता ने उठाए थे चुनाव को लेकर सवाल

यह पूरा विवाद सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से जुड़ा है। यह सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। यहां से प्रतिमा बागरी ने चुनाव जीतकर विधायक का पद हासिल किया था और बाद में उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया।

कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया था कि प्रतिमा बागरी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र हासिल किया और आरक्षित सीट से चुनाव जीता। उनका दावा था कि क्षेत्र में बागरी समुदाय को राजपूत माना जाता है, इसलिए प्रतिमा बागरी का SC प्रमाण पत्र सही नहीं है।

समिति के फैसले से खत्म हुआ लंबे समय से चल रहा विवाद

छानबीन समिति के निर्णय के बाद प्रतिमा बागरी को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बड़ी राहत मिली है। जांच में उनके प्रमाण पत्र को सही पाए जाने के बाद अब उनके खिलाफ लगाए गए जाति संबंधी आरोपों पर विराम लग गया है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!