

अंबिकापुर: सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में ट्रक से तिरपाल चोरी करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई तिरपाल बरामद कर ली है। मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के गढ़वा जिले के बढ़िहा थाना क्षेत्र निवासी फिरोज खान ने 6 जुलाई 2026 को लखनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को वह ट्रक क्रमांक CG-15-DH-6832 में अमेरा खदान से कोयला लोड कर लेकर जा रहे थे। ट्रक में कोयले को ढंकने के लिए लगभग 7 हजार रुपये कीमत की नीले रंग की वाटरप्रूफ तिरपाल लगी हुई थी।रात करीब 11 बजे चिलबिल से आगे बढ़ने के दौरान उन्होंने देखा कि कुछ युवक मोटरसाइकिल से ट्रक के पीछे-पीछे चल रहे हैं। कुछ दूरी बाद पीछे से आवाज आने पर जब उन्होंने ट्रक रोककर जांच की तो तिरपाल गायब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुहपुटरा गांव निवासी बाडूल एवं उसके साथियों ने तिरपाल चोरी कर मोटरसाइकिल से फरार हो गए।शिकायत के आधार पर लखनपुर थाना में अपराध क्रमांक 182/26 के तहत धारा 305(सी) एवं 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान 15 जुलाई को ग्रामीणों ने ग्राम अमेरा चिलबिल क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में घूम रहे आरोपी बाडूल उर्फ सर्वजीत उर्फ विवेक राजवाड़े (22 वर्ष) निवासी पुहपुटरा चिलबिलपारा को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रक से तिरपाल चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ने यह भी बताया कि वह और उसके साथी अमेरा खदान क्षेत्र में आने-जाने वाले ट्रकों से डीजल और अन्य सामान चोरी कर कम कीमत में बेच देते थे तथा रकम आपस में बांट लेते थे।आरोपी की निशानदेही पर नवापारा रोड स्थित एक खेत की मेड़ के नीचे झाड़ियों में छिपाकर रखी गई चोरी की तिरपाल बरामद कर जप्त कर ली गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व से भी चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
लखनपुर पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिले में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।इस मामले की कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष कुमार, सहायक उप निरीक्षक परशु पैकरा, निर्मला कश्यप, प्रधान आरक्षक प्रवीण चंद तिवारी, अजय पाण्डेय, पीताम्बर सिंह, महिला आरक्षक अमरावती राजवाड़े तथा अन्य पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










