

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस और एसटीएफ भुवनेश्वर (उड़ीसा) पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त एंड-टू-एंड जांच और कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए उड़ीसा के चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, थाना बसंतपुर क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में कुल 3139.570 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है, जब्त किया गया था। पहला मामला 29 दिसंबर 2025 का है, जब बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक से1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। तस्करों ने गांजा को नारियल की भूसी के भीतर छिपाकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था।वहीं, दूसरे मामले में 11 जून 2026 को पुलिस ने एक अन्य ट्रक से 1941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। ट्रक क्रमांक RJ 14 GU 9078 से बरामद गांजा की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसके साथ ही करीब 50 लाख रुपये कीमत का ट्रक भी जब्त किया गया था। मामले में आरोपी लोकेश शर्मा और आमिष अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह खुलासा हुआ कि उड़ीसा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास ट्रकों को खड़ा कर स्थानीय सहयोगियों की मदद से पिकअप वाहनों के जरिए गांजा ट्रकों में लोड किया जाता था। ट्रकों की गतिविधियों पर जीपीएस लोकेशन के माध्यम से नजर रखी जाती थी तथा तस्करों के बीच समन्वय के लिए मोबाइल एप का उपयोग किया जाता था।
इसी दौरान एसटीएफ भुवनेश्वर ने 24 जून 2026 को कंधमाल जिले के नीलाम्बर कंहार को 191.300 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बसंतपुर के दोनों मामलों में शामिल चार अन्य तस्करों के नाम उजागर किए। इसके बाद बलरामपुर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपियों से पूछताछ और पहचान परेड कराई, जिसमें ट्रकों में गांजा लोड करने में उनकी भूमिका की पुष्टि हुई।गिरफ्तार आरोपियों में दुर्वाशा साहु, सुबुधी साहु, अरुण कुमार राना और प्रकाश खटुआ सभी निवासी जिला बौध, उड़ीसा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने कहा है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और परिवहन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगी और तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।










