बस्तर में अवैध लौह अयस्क तस्करी का खुलासा, 40 टन माल से भरा ट्रक जब्त

रायपुर। बस्तर में अवैध लौह अयस्क की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बैलाडीला क्षेत्र से चोरी कर लाए जा रहे लौह अयस्क से भरे एक 10 चक्का ट्रक को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से संचालित तस्करी नेटवर्क के संकेत मिले हैं।

40 टन लौह अयस्क के साथ ट्रक पकड़ा गया

वन विभाग ने सोमवार देर रात बवेली और भांसी के बीच कार्रवाई करते हुए करीब 40 टन उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क से लदे ट्रक को पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए लौह अयस्क की अनुमानित कीमत करीब 3.40 लाख रुपये है।

जंगल में अवैध खुदाई कर भरा जाता था ट्रक

जांच में सामने आया कि तस्करों ने धुरली के जंगल में जेसीबी मशीन की मदद से अवैध खुदाई की। इसके बाद लौह अयस्क ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जाता था। शुरुआती जांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।

ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क

जांच में पता चला कि स्थानीय दलाल धुरली और पंडेवार क्षेत्र से ट्रकों में लौह अयस्क लोड कराते थे। इसके बाद वाहनों को दंतेवाड़ा जिले की सीमा पार कराने की व्यवस्था की जाती थी। बताया जा रहा है कि प्रत्येक ट्रक के बदले दलालों को करीब 15 हजार रुपये कमीशन मिलता था।

इसके बाद ट्रकों को रायपुर तक पहुंचाने के लिए लगभग दो हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से भाड़ा तय किया जाता था।

रायपुर पहुंचने के बाद मिलता था अगला निर्देश

जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि ट्रक चालकों को पहले से अंतिम गंतव्य की जानकारी नहीं दी जाती थी। उन्हें केवल रायपुर पहुंचने के निर्देश दिए जाते थे। वहां पहुंचने के बाद फोन के माध्यम से बताया जाता था कि किस स्पंज आयरन फैक्ट्री में माल उतारना है। इस तरीके से पूरे नेटवर्क की गोपनीयता बनाए रखी जाती थी।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां

मामले में एक दुर्ग पंजीयन वाले वाहन के मालिक का नाम भी सामने आया है। फिलहाल वन विभाग और संबंधित एजेंसियां इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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