

IPS CA Ramdas Resign : भारतीय प्रशासनिक सेवा के ओडिशा कैडर के नौजवान IPS अधिकारियों में अब राज्य कैडर में बने रहने के मामले में बेरूख़ी देखी जा रही है |ओडिशा कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों का मोहभंग प्रशासनिक गलियारों में सुर्ख़ियों में है | बीजेपी शासित इस राज्य में चंद दिनों के भीतर दूसरे IPS अधिकारी ने भी नौकरी से दूरियां बना ली है| ताज़ा जानकारी के मुताबिक,सीए रामदास ने IPS कैडर से ही त्यागपत्र दे दिया है| उन्होंने,ट्रेनिंग बीच ही नौकरी छोड़ दी|
हालांकि,राज्य सरकार की ओर से अभी उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है|ओडिशा पुलिस में भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा के अचानक इस्तीफे के पांच दिन बाद एक और युवा आईपीएस अधिकारी सीए रामदास ने सरकारी सेवा छोड़ने की पेशकश की है.एक जानकारी के मुताबिक, महज एक साल पहले सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले 2025 बैच के प्रोबेशनर आईपीएस सीएम रामदास ने पद से इस्तीफा दे दिया है. खबर के अनुसार ओडिशा पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने आईपीएस सीएम रामदास के इस्तीफे की हामी तो भरी लेकिन,पुष्टि को लेकर चुप्पी साधे रखी |
मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले 33 वर्षीय सीए रामदास को हाल ही में ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था | वे हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अपनी शुरुआती चरण की ट्रेनिंग ले रहे थे |
बताते है,कि उन्होंने अभी ओडिशा में अपनी फील्ड पोस्टिंग की शुरुआत भी नहीं की थी,कि अचानक अपना इस्तीफा भेज दिया गौरतलब है, कि हाल ही में 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी और भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दिया था| जगमोहन मीणा राजस्थान के अजमेर के रहने वाले हैं | यह जानकारी भी सामने आई है,कि दोनों ही अधिकारियों के इस्तीफे पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है |
इसी माह 6 जुलाई को इस्तीफे के बाद न्यूज़ टुडे इंडिया डॉट इन से बातचीत में जगमोहन मीणा ने कहा कि यह फैसला उन्होंने जल्दबाजी या भावनाओं में नहीं लिया, बल्कि परिवार और करीबी मित्रों से विस्तृत चर्चा विचार-विमर्श कर निर्णय लिया है|उन्होंने कहा,कि ओडिशा कैडर में आईपीएस में करीब 13 साल की सेवा के बाद मैंने इस्तीफा दिया है| यह पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से लिया गया फैसला है. इस मामले में मेरी निजता का सम्मान किया जाए| उन्होंने यह भी साफ़ किया,कि इस निर्णय के पीछे किसी तरह का दबाव या बाहरी कारण नहीं है | उधर,प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है,कि बीजेपी शासित राज्यों में नौजवान IPS और IAS अधिकारियों को अपना भविष्य खतरे में नजर आ रहा है |











