

अंबिकापुर: सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में हुई पांच लाख रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर खुलासा करते हुए विधि से नाबालिग बालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की पूरी रकम पांच लाख रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में थाना गांधीनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले की जांच करते हुए इस सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि घर में काम करने वाले नौकर और ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के बाद नौकर ने खुद को बंधक बनाए जाने और अज्ञात लोगों द्वारा चोरी किए जाने की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।
पुलिस के अनुसार जवाहर मार्केट कॉलोनी निवासी व्यवसायी सुभाष अग्रवाल 11 जुलाई को परिवार और मित्रों के साथ कोरबा के सतरंगा घूमने गए थे। घर की देखरेख के लिए उन्होंने अपने यहां काम करने वाले ईश्वर यादव को घर पर छोड़ दिया था। रात करीब साढ़े तीन बजे पड़ोसियों ने सुभाष अग्रवाल को सूचना दी कि ईश्वर यादव घबराई हालत में उनके घर पहुंचा है और बता रहा है कि कुछ अज्ञात लोग घर में घुसे, उसके हाथ-पैर बांध दिए और चोरी कर फरार हो गए।सूचना पर जब पड़ोसियों ने घर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था और आलमारी खुली हुई थी। सुभाष अग्रवाल के वापस अंबिकापुर पहुंचने पर तिजोरी में रखे पांच लाख रुपये गायब मिले। मामले में गांधीनगर थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस ने घर में काम करने वाले ईश्वर यादव और ड्राइवर संदीप कुमार साहू से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों के बयान संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हिकमतअमली से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया।आरोपियों ने स्वीकार किया कि ईश्वर यादव, संदीप कुमार साहू, अनुराग दास और एक विधि से संघर्षरत बालक ने मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। वे परिवार के घर से बाहर जाने के मौके का इंतजार कर रहे थे। मौका मिलते ही चारों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया और बाद में पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी बनाई गई।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक झोले में छिपाकर रखी गई पांच लाख रुपये की नगदी बरामद कर ली। साथ ही चोरी में प्रयुक्त होंडा साइन मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।गिरफ्तार आरोपियों में ईश्वर यादव, संदीप कुमार साहू और अनुराग दास शामिल हैं, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। वहीं, तीनों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा सहित थाना एवं साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











