

अंबिकापुर: पुलिस मुख्यालय रायपुर के मार्गदर्शन तथा डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेन) सेवा को और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिला सरगुजा और बलरामपुर-रामानुजगंज के डायल-112 से जुड़े कुल 107 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
रक्षित केंद्र अंबिकापुर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में C-DAC टीम के मास्टर ट्रेनरों ने DCC और ERV वाहनों में स्थापित आधुनिक उपकरणों के संचालन एवं उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में आपातकालीन वाहनों में लगे PFT, MDT, मोबाइल, PTZ कैमरा, डैश कैमरा समेत अन्य तकनीकी उपकरणों के व्यवहारिक संचालन और रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में डायल-112 के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों की उपस्थिति में C-DAC के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव वर्मा तथा गोविंदा (विजन प्लस)ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान DCC सरगुजा, ERV स्टाफ, थाना, चौकी, रक्षित केंद्र, यातायात शाखा और हाईवे पेट्रोलिंग के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि डायल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके माध्यम से पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन सेवाओं की सहायता एक ही नंबर पर उपलब्ध कराई जाती है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112 डायल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला में घटनास्थल तक कम समय में पहुंचने, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए त्वरित प्रतिक्रिया देने और आम नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही PTZ कैमरा युक्त वाहनों में तैनात पुलिस स्टाफ और चालकों को कैमरे तथा उससे जुड़े उपकरणों जैसे जॉयस्टिक, सोलर पैनल, रिमोट, माउस और पावर सप्लाई की नियमित जांच और संचालन के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य डायल-112 से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी और व्यवहारिक रूप से दक्ष बनाना है, ताकि आपात परिस्थितियों में नागरिकों को तेजी और प्रभावी ढंग से सहायता उपलब्ध कराई जा सके।











