रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के संभागीय और जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की घोषणा पर अमल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस परियोजना के लिए 10 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति जारी कर दी है।

32 नगरीय निकायों में होगी प्रतिमा स्थापना

योजना के तहत प्रदेश के पांच संभागीय मुख्यालय रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा 27 जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में भी उनकी मूर्तियां लगाई जाएंगी। इनमें चार नगर निगम और 23 नगर पालिकाएं शामिल हैं।

संभागीय मुख्यालयों को 50-50 लाख, जिला मुख्यालयों को 30-30 लाख

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संभागीय मुख्यालयों में प्रतिमा स्थापना और परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए प्रत्येक शहर को 50 लाख रुपये मंजूर किए हैं। वहीं जिला मुख्यालय वाले प्रत्येक नगरीय निकाय के लिए 30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विभाग ने इस संबंध में प्राविधिक स्वीकृति आदेश भी जारी कर दिए हैं।

125वीं जयंती से पहले सरकार की पहल

गौरतलब है कि 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई जाएगी। इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया को तेज करते हुए संबंधित नगरीय निकायों के लिए राशि जारी कर दी है।

नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रख्यात शिक्षाविद, राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा ‘एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान’ के संकल्प के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सार्वजनिक स्थलों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित होने से नई पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और योगदान से परिचित हो सकेगी।

सबसे युवा कुलपति बनने का भी बनाया था रिकॉर्ड

अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को देश के सबसे युवा कुलपति बनने का गौरव प्राप्त है। वे 23 वर्ष की उम्र में विश्वविद्यालय के सबसे युवा सीनेट सदस्य बने और 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त हुए। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का यह प्रयास है।

प्रतिमा के साथ होगा परिसर का सौंदर्यीकरण

सरकार ने केवल प्रतिमा स्थापना तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। प्रत्येक स्थल का आकर्षक और व्यवस्थित सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, ताकि शहरों में सुंदर और प्रेरणादायक सार्वजनिक स्थल विकसित हो सकें। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्य तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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