

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़कागांव में धर्मांतरण के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में आदिवासी समाज के लोगों ने एक परिवार पर मूल धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद ग्रामीणों ने संबंधित परिवार को गांव से बाहर कर दिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
सात सदस्यीय परिवार गांव से बेदखल
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने मोहन दुग्गा के परिवार को गांव छोड़ने के लिए कहा। परिवार में कुल सात सदस्य हैं, जिनमें तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
प्रशासन ने शुरू की दोनों पक्षों से बातचीत
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। अधिकारी दोनों पक्षों से अलग-अलग चर्चा कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भरंडा गांव के बाद फिर सामने आया विवाद
इससे पहले नारायणपुर के भरंडा गांव में भी धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। वहां 26 परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान दिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप किया था। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद आगे चर्चा के लिए एक माह का समय तय किया गया था।
प्रदेश के कई इलाकों में बढ़ रही ऐसी घटनाएं
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कई क्षेत्रों में ईसाई धर्म अपनाने वाले लोगों की घर वापसी को लेकर अभियान चलने की चर्चाएं तेज हुई हैं। इसी दौरान कई गांवों में सामाजिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर अंतिम संस्कार और दफन भूमि को लेकर भी विवाद हुए हैं, जबकि धर्मांतरण से जुड़े कई मामलों ने कानूनी रूप ले लिया है और कुछ प्रकरण न्यायालय तक पहुंच चुके हैं।
प्रशासन की अपील, शांति बनाए रखें
फिलहाल खड़कागांव में प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पूरे मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया तथा आपसी संवाद के माध्यम से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।











