


रायगढ़: जिले के कापू वन परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार देर रात जंगल से निकले दो हाथी अलोला गांव की बस्ती में घुस आए और कई कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे। हालांकि समय रहते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
वन विभाग के अनुसार, इन दिनों कापू वन परिक्षेत्र में करीब 19 हाथियों का दल अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास सक्रिय हैं और रात होते ही भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं।शनिवार रात हाथियों ने अलोला गांव में रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों को देख ग्रामीण किसी तरह घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और शोर मचाकर उन्हें भगाने का प्रयास किया।इसके बाद दोनों हाथी टेड़ासेमर गांव पहुंच गए, जहां उन्होंने दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी तोड़ दी। ग्रामीणों के काफी देर तक हल्ला करने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।
एक दिन पहले बाइक सवार पर किया था हमला
इससे पहले शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में कापू से किलकिला जा रहे दो बाइक सवारों का सामना सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया। हाथी अचानक आक्रामक हो गया और दोनों को दौड़ा लिया। सुखराम डोगीदरहा किसी तरह जान बचाकर भाग निकला, जबकि 35 वर्षीय राजेंद्र सर्पराज को हाथी ने दौड़ाकर घायल कर दिया।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल में वर्तमान में 126 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें 35 नर, 66 मादा और 25 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक 18 हाथी लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट में हैं, जबकि अन्य हाथी अलग-अलग रेंज और बीट के जंगलों में फैले हुए हैं। जिले में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों के कारण वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।




















