

बलरामपुर: नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ के साथ जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बलरामपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, मूलभूत सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का जायजा लेते हुए शिक्षकों एवं प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पूर्व माध्यमिक शाला पिण्ड्रा, जतरो एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरदर पहुंचकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, कक्षा संचालन तथा विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण तथा शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी भी ली। साथ ही उन्होंने विद्यालयों में गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधितों को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा नए सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई का माहौल पूरी गंभीरता के साथ सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कई छात्राओं ने पुलिस सेवा में जाने की इच्छा व्यक्त की। कलेक्टर ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि लगन, अनुशासन और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को बड़े लक्ष्य में बदलने और उसे प्राप्त करने के लिए अभी से पूरी निष्ठा के साथ अध्ययन करने की सलाह दी।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा सत्र के प्रारंभिक दिनों से ही विद्यार्थियों का शैक्षणिक मूल्यांकन करें, ताकि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप मार्गदर्शन और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक का प्रयास केवल पाठ्यक्रम पूर्ण कराने तक सीमित न होकर बच्चों की सीखने की क्षमता, आत्मविश्वास और समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी केंद्रित होना चाहिए।
विद्यालय भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया तथा ऑनलाइन पाठ्यक्रमों एवं डिजिटल शिक्षण संसाधनों के संचालन की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों का अधिकतम उपयोग करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और रुचिकर शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
कलेक्टर ने विगत सत्र के परीक्षा परिणाम की जानकारी लेते हुए कहा कि जिले के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर हो, इसके लिए सभी शिक्षक पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक, प्रेरणादायक एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण विकसित करें तथा सभी शिक्षक ऐसे प्रयास करें, जिससे जिले के विद्यार्थी जिला ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित कर सकें।





















