अंबिकापुर। सरगुजा जिले में जिला खनिज न्यास (DMF) निधि से जुड़े कथित घोटाले की जांच अब और तेज होती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता से जुड़े ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मानसून एग्रो एजेंसी में घंटों चली जांच

मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम अंबिकापुर स्थित मानसून एग्रो एजेंसी पहुंची, जहां अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों, खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अभिलेखों की बारीकी से जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई DMF निधि के उपयोग में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की जा रही है।

जांच के दायरे में आया राकेश गुप्ता का नाम

सूत्रों के मुताबिक DMF घोटाले की जांच के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता का नाम भी सामने आया था। इसी कड़ी में ईडी ने उनसे जुड़े परिसरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दबिश देकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां और दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच एजेंसी संभावित आर्थिक लेन-देन और उससे जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

मोबाइल बंद, बढ़ीं अटकलें

ईडी की कार्रवाई की खबर सामने आते ही राकेश गुप्ता और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। इससे पूरे मामले को लेकर अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अब सबकी नजर ईडी की अगली कार्रवाई पर

सरगुजा में DMF घोटाले को लेकर चल रही जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अंबिकापुर में हुई यह छापेमार कार्रवाई कई अहम खुलासों की संभावना को बल दे रही है। अब राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक सभी की नजर ईडी की आगामी कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।

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