

छत्तीसगढ़ : मानसून के जल्द पहुंचने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान किसी भी जिले में पूरी तरह सूखा मौसम रहने की संभावना नहीं जताई गई है।
तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर, कई जिलों में यलो अलर्ट जैसी स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 जून को राज्य के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।
वायुमंडलीय सिस्टम सक्रिय, नमी बढ़ने से बारिश के हालात बने
प्रदेश के ऊपर मौसमी प्रणाली सक्रिय है, जिसके कारण वातावरण में नमी बनी हुई है। इसके अलावा समुद्र तल पर बना एक मौसमी द्रोणिका क्षेत्र पंजाब से बिहार तक और दूसरी द्रोणिका पूर्वी बिहार से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है। इन प्रणालियों के कारण बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
18 जून को भी जारी रह सकता है बारिश का असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जून को भी इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में कई जिलों में हुई बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव, रायपुर रहा सबसे गर्म
मौसम के बदलाव के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रायपुर के माना विमानक्षेत्र में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मानसून से पहले बदला मौसम, राहत और सावधानी दोनों जरूरी
मानसून की आहट के बीच मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की भी जरूरत है।





















