

लखनपुर/ प्रिंस सोनी: अमेरा खुली खदान से कोयला परिवहन को लेकर ट्रक मालिक संघ और ट्रांसपोर्टरों के बीच रविवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बढ़ती महंगाई, डीजल की कीमतों में वृद्धि और परिवहन भाड़े में कटौती को लेकर ट्रक मालिकों ने नाराजगी जताते हुए सात सूत्रीय मांगें रखीं। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में संघ ने 15 जून से कोयला परिवहन कार्य पूरी तरह बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
बैठक में ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में परिवहन कार्य करना लगातार घाटे का सौदा साबित हो रहा है। डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद परिवहन भाड़े में कटौती की जा रही है, जिससे ट्रक संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संघ द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लिए अधिकतम परिवहन भाड़े का निर्धारण, टू-पॉइंट में बाहरी वाहनों की लोडिंग पर रोक, बिल्टी जमा होने के बाद 10 दिनों के भीतर भुगतान, कोयला शॉर्टेज में 100 किलोग्राम तक की छूट, बिल्टी कमीशन अधिकतम 2 हजार रुपये निर्धारित करना तथा खनिज निर्धारित स्थल पर पहुंचने के 48 घंटे के भीतर वाहन खाली कराना शामिल है।
बैठक में विभिन्न गंतव्यों के लिए प्रस्तावित भाड़ा दरों पर भी चर्चा की गई। महासमुंद के लिए 1600 रुपये प्रति टन, रायपुर के लिए 1500 रुपये प्रति टन तथा बिलासपुर, रायगढ़ और चांपा के लिए 1200 से 1300 रुपये प्रति टन भाड़ा तय करने की मांग रखी गई। अन्य स्थानों के लिए दूरी के आधार पर अलग-अलग दरें निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया गया।
ट्रक मालिक संघ के सदस्य सुरेश साहू ने कहा कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों और लिफ्टरों के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो 15 जून से अमेरा खुली खदान से कोयला परिवहन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक भी ट्रक कोयला लोड नहीं करेगा और सभी ट्रक मालिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
बैठक में ट्रांसपोर्टर, लिफ्टर और बड़ी संख्या में ट्रक मालिक उपस्थित रहे। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मांगों को लेकर प्रबंधन और ट्रक मालिक संघ के बीच क्या सहमति बनती है, क्योंकि हड़ताल की स्थिति में कोयला परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।





















