

बीजापुर: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 199वीं वाहिनी ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 8 डंप बरामद किए हैं। इस अभियान में 21 आईईडी (IED), हथियारों का जखीरा और विस्फोटक सामग्री समेत कुल 58 प्रकार की सामग्री जब्त की गई है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करने वाली महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 को विश्वसनीय आसूचना मिलने के बाद 199वीं वाहिनी के कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और द्वितीय कमान अधिकारी कुमार नीरज की निगरानी में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। अभियान में बी/199 कंपनी और यंग प्लाटून का नेतृत्व कंपनी कमांडर राजीव कुमार ने किया, जबकि एफ/199 कंपनी का नेतृत्व निरीक्षक के.बी. पांडा ने संभाला।संयुक्त टीम ने पीडिया और कुप्पागुडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एड्री, हर्रा और मदुमपारा गांवों के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जवानों ने बेहद सतर्कता और रणनीतिक तरीके से इलाके की घेराबंदी कर चरणबद्ध ढंग से सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान जंगलों में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के 8 डंप बरामद किए गए।
बरामद सामग्री में बीजीएल राइफल, 8 एमएम राइफल, 12 बोर राइफल, 21 आईईडी और आईईडी निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री शामिल है। इसके अलावा कॉर्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, इलेक्ट्रिक वायर, एयर गन राउंड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नक्सलियों के उपयोग में आने वाले कपड़े भी जब्त किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल भविष्य में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था।
CRPF अधिकारियों के अनुसार एड्री, हर्रा और मदुमपारा सहित आसपास का इलाका पहले नक्सली गतिविधियों के लिहाज से काफी संवेदनशील रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और प्रभावी रणनीति के कारण नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और विकास कार्यों को भी गति मिली है।
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कार्रवाई के दौरान किसी भी जवान या ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सुरक्षा बलों ने बिना किसी जनहानि के बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद कर नक्सलियों की योजनाओं पर पानी फेर दिया।
CRPF की 199वीं वाहिनी ने कहा है कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेंगे। आसूचना आधारित ऑपरेशनों को और अधिक प्रभावी बनाते हुए नक्सल प्रभावित इलाकों को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे।




















