गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में फर्जी नामांतरण और पैतृक जमीन से जुड़े गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इस मामले में पटवारी रविंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम द्वारा की गई है।

ग्रामीणों की शिकायत से खुला फर्जीवाड़े का मामला

मरवाही क्षेत्र के तीन ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी कि उनकी पैतृक संपत्ति का फर्जी फौती नामांतरण कर उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि भू-माफियाओं ने जमीन की रजिस्ट्री कर उसे बेचने की कोशिश की।

ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में पटवारी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए थे।

कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई जांच, सामने आई संदिग्ध भूमिका

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान पटवारी रविंद्र कश्यप की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी।

एसडीएम ने किया निलंबन, मुख्यालय मरवाही तहसील में तय

जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पटवारी रविंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

जमीन विवाद और फर्जीवाड़े पर प्रशासन सख्त

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों पर प्रशासन की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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