

बलरामपुर: अवैध शराब तस्करी के एक बड़े मामले में रघुनाथनगर पुलिस और साइबर सेल को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की खेप लेकर आ रहे बोलेरो चालक द्वारा पुलिस बैरियर तोड़कर फरार होने के करीब डेढ़ माह बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को बोलेरो वाहन क्रमांक CG 15 A 6984 में अवैध शराब भरकर मध्यप्रदेश के बैढ़न से रघुनाथनगर की ओर लाई जा रही थी। तुगवा बॉर्डर बैरियर पर जवानों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने बैरियर को टक्कर मारते हुए जवानों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया।सूचना मिलते ही रघुनाथनगर थाना और बलंगी चौकी पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस का पीछा देख चालक ने रघुनाथनगर के पास एक बंद पेट्रोल पंप के समीप कच्चे रास्ते में बोलेरो छोड़ दी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। वाहन से अवैध शराब बरामद की गई थी। मामले में बलांगी चौकी में बीएनएस की धाराओं तथा रघुनाथनगर थाने में आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के निर्देशन में रघुनाथनगर पुलिस, बलंगी चौकी और साइबर सेल की संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। साइबर तकनीक की मदद से पता चला कि मुख्य आरोपी देवनंदन कुशवाहा (25) निवासी हरदी बड़ा, थाना रघुनाथनगर, घटना के बाद झारखंड के गढ़वा जिले स्थित अपने ससुराल में छिपा हुआ है।पुलिस ने झारखंड में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बोलेरो वाहन सस्ते दाम में खरीदकर शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल किया था। उसने बताया कि मध्यप्रदेश के बैढ़न स्थित कचनी शराब भट्टी से मैनेजर मृत्युंजय जायसवाल (29) के माध्यम से 94 हजार रुपये का भुगतान कर शराब खरीदी थी, जिसे वह सूरजपुर जिले के रेवटी निवासी एक व्यक्ति को बेचने ले जा रहा था।मुख्य आरोपी के खुलासे के बाद पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से दूसरे आरोपी मृत्युंजय जायसवाल को भी बैढ़न क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने शराब बिक्री और भुगतान की पुष्टि की।पुलिस ने दोनों आरोपियों को 6 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर रामानुजगंज जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक हिम्मत सिंह शेखावत, आरक्षक आकाश तिवारी, योगेश जायसवाल, टेकचंद, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक लखेश्वर कश्यप, आरक्षक संजय जायसवाल एवं सैनिक सचेत साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





















