

बलरामपुर: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए विभिन्न नवाचारों तथा जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।इसी कड़ी में जनपद पंचायत वाड्रफनगर द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन में किए जा रहे कार्य, क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहे हैं। जनपद सीईओ ने बताया कि वाड्रफनगर अंतर्गत मोर गाँव-मोर पानी अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में 12 हजार से अधिक 5 प्रतिशत मॉडल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मॉडल के तहत किसानों एवं ग्रामीणों को अपनी भूमि के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण, भूमि में नमी संरक्षण तथा सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि सुनिश्चित होगी। यह मॉडल जल संकट के स्थायी समाधान एवं जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।मनरेगा के माध्यम से जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में आजीविका डबरी एवं तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। नवा तरिया-आय के जरिया जैसी पहलें जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही हैं।
वर्तमान में जनपद पंचायत वाड्रफनगर के लगभग 5 हजार जॉब कार्डधारी परिवारों के 10 हजार से अधिक श्रमिक जल संरक्षण, भूमि सुधार एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों में नियोजित हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का कार्य भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। जल संरक्षण, पौधरोपण, भू-जल संवर्धन और रोजगार सृजन के समन्वित प्रयासों से जिला पर्यावरणीय समृद्धि एवं सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर हो रहा है।





















