

सूरजपुर: आबकारी विभाग में भृत्य (चपरासी) की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय ने 3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने नौकरी लगाने का झांसा देकर एक लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति आदेश थमा दिया था।
जानकारी के अनुसार अशोक दास ने 10 जुलाई 2018 को थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि हेमंत महंत ने आबकारी विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर उससे 1 लाख रुपये लिए और फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर दिया। जब प्रार्थी संबंधित विभाग में सत्यापन कराने पहुंचा, तब नियुक्ति आदेश फर्जी पाया गया।मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 53/18 के तहत धारा 420, 467, 468 और 471 भारतीय दंड संहिता के तहत केस दर्ज कर आरोपी हेमंत महंत पिता सुन्दर दास सोनवानी, निवासी ग्राम चंदननगर थाना प्रेमनगर को गिरफ्तार किया था। विवेचना के दौरान निरीक्षक बसंत लाल सिंह ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ राजेश सिंह और पंकज कुमार बागड़े ने पैरवी की। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सूरजपुर श्रीमती रूचि मिश्रा की अदालत में हुई। सुनवाई पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को धोखाधड़ी का दोषी पाते हुए धारा 420 आईपीसी के तहत 3 वर्ष के कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।





















