

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन आधारित योजनाओं और जमीनी विकास मॉडल का असर अब राष्ट्रीय मंच पर दिखाई देने लगा है। नीति आयोग की ‘चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर’ रिपोर्ट में बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेंट्रल जोन में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है।
अक्टूबर से दिसंबर 2025 की अवधि के लिए जारी इस रिपोर्ट में उसूर ब्लॉक की उपलब्धि को स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक विकास के क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है। कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला यह इलाका अब देश के सामने विकास की नई मिसाल बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – बस्तर का यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उसूर ब्लॉक के नागरिकों, स्वास्थ्य अमले और जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक रैंक नहीं, बल्कि उन दूरस्थ गांवों की मेहनत और विश्वास की जीत है जहां सरकार की योजनाएं अब वास्तविक बदलाव ला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने विशेष रूप से मितानिनों, एएनएम, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जिस तरह सेवाएं गांवों तक पहुंचाई गईं, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब लक्ष्य केवल उपलब्धि हासिल करना नहीं, बल्कि देश में पहला स्थान प्राप्त करना है।
केदार कश्यप ने कहा – जो इलाका कभी पिछड़ा कहलाता था, वही आज बना विकास का मॉडल
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने इसे बस्तर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार की योजनाएं अब वास्तविक रूप से गांवों तक पहुंच रही हैं और उसूर ब्लॉक इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है।
उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशासन ने जिस प्रतिबद्धता के साथ काम किया, उसी का परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि कभी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर अब देशभर में विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी मॉडल के रूप में पहचाना जा रहा है। इस सफलता में मितानिन बहनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम और ग्रामीण स्वास्थ्य टीमों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत रही है।
इन मानकों पर चमका उसूर, नीति आयोग भी हुआ प्रभावित
नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया।
संचारी रोगों पर मजबूत नियंत्रण
मलेरिया, डेंगी समेत अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए गांव-गांव अभियान चलाया गया। दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य टीमों की पहुंच सुनिश्चित की गई।
संस्थागत प्रसव में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के चलते संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई।
टीकाकरण अभियान बना सफलता की ढाल
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी वैक्सीनेशन को भी प्रभावी तरीके से लागू किया गया।
गांवों तक पहुंची गंभीर बीमारियों की जांच सुविधा
बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर संचारी बीमारियों की जांच और उपचार सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाई गईं, जिससे लोगों को समय पर इलाज मिलने लगा।
अब नजर देश में नंबर वन बनने पर
कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रशासन अब अगले चरण की तैयारी में जुट चुका है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाकर आगामी तिमाहियों में देशभर में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया है।




















