

जशपुर: जशपुर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मनोरा क्षेत्र के ग्राम डहुकोना के जंगलों से पुलिस ने 7 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त कराया है। हालांकि पुलिस को देखकर आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे चौकी लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति ग्राम डहुकोना के जंगल रास्ते से गौवंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए पैदल झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही चौकी मनोरा पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।जंगल क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि दो संदिग्ध व्यक्ति गौवंशों को तेजी से हांकते हुए ले जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम को देखकर आरोपी गौवंशों को छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने मौके से 7 गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में सभी पशुओं का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।मामले में चौकी मनोरा पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1961 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनोरा सहायक उप निरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक वितीन भगत, आरक्षक शैलेन्द्र तोमर, रविन्द्र पैंकरा और जगजीवन राम यादव की अहम भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौ तस्करी में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत गौ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।





















