

सांप काटने से मौत की जगह ‘ब्लोट’ लिखे जाने से मुआवजा अटका, कलेक्टर से जांच की मांग
अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सबाग हॉस्पिटल पारा में गाय की मौत के मामले ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। पशुपालक बालेश्वर यादव ने पशु चिकित्सालय कुसमी में पदस्थ डॉ. शालिंता मीनू एक्का पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी, रिश्वत मांगने तथा गलत रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा प्रकरण प्रभावित करने का आरोप लगाया है। मामले में कुसमी एसडीएम के द्वारा बलरामपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार 14 फरवरी 2026 की शाम बालेश्वर यादव की गाय की मौत जहरीले सांप के काटने से हुई थी। घटना के बाद उसी दिन गांव के सरपंच एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। पशुपालक का आरोप है कि घटना की जानकारी उसी दिन फोन के माध्यम से पशु चिकित्सक डॉ. शालिंता मीनू एक्का को दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने अगले दिन आने की बात कही।
पीड़ित के मुताबिक 15 फरवरी की सुबह थाना सामरी में भी लिखित सूचना दी गई। इसके बाद दोपहर लगभग एक बजे पशु विभाग से केवल ड्राइवर एवं एक अन्य व्यक्ति गांव पहुंचे। आरोप है कि गांव के स्थानीय व्यक्तियों से ही गाय का चीर-फाड़ करवाया गया तथा फोटो और वीडियो बनाकर ले जाया गया, जबकि मौके पर कोई भी पशु चिकित्सक उपस्थित नहीं था।
ऑफिस में बैठकर बनाई गई रिपोर्ट...!
बालेश्वर यादव का आरोप है कि बाद में तहसील एवं विभागीय प्रक्रिया चलने के पश्चात डॉ. शालिंता मीनू एक्का द्वारा कार्यालय में बैठकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर दी गई, जबकि उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर परीक्षण नहीं किया था। शिकायत में कहा गया है कि रिपोर्ट में वास्तविक कारण यानी “सांप काटने” का उल्लेख करने के एवज में पचास हजार रूपये रिश्वत की मांग की गई। रिश्वत नहीं देने पर रिपोर्ट में गाय की मौत का कारण तथा पेट में गैस भरने से श्वसन तंत्र विफल होना बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि “सांप के काटने का कोई चिन्ह नहीं पाया गया।
मुआवजा प्रकरण प्रभावित...!
पीड़ित पशुपालक का कहना है कि उक्त रिपोर्ट के आधार पर तहसील कार्यालय से यह बताया गया कि अब मुआवजा प्रकरण स्वीकृत नहीं हो सकेगा। इससे उसे आर्थिक एवं मानसिक क्षति हुई है।
जांच और कार्रवाई की मांग...!
शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मौके पर पहुंचे कर्मचारियों एवं ड्राइवर के बयान, पोस्टमार्टम प्रक्रिया के फोटो-वीडियो जब्त करने, रिश्वत मांगने के आरोप की भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई है।
रिश्वतखोरी का खेल हुआ उजागर...!
इस मामले ने पशु विभाग कुसमी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के एवज में रिश्वत के खेल को उजागर कर दिया है. पशु विभाग के इस कार्यवाही से स्पष्ट है कि जो रिश्वत देता है उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मुआवजा मिल सके इस आधार पर तैयार किया जाता है और जो रिश्वत नहीं देता है उसे मुआवजा न मिल सके इस तरह का पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार किया जाता है।
पशु चिकित्सक ने कहा...!
इस विषय पर पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ अधिकारी कुसमी डॉ. शालिंता मीनू एक्का ने कहा पहले मुझे कैसे खोल कर देखना पड़ेगा तभी डिटेल्स बता पाऊंगी बहुत सारा कैसे आता रहता है तो याद नहीं रहता है।





















