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अम्बिकापुर:  सरगुजा जिले के लिब्रा वॉटरफॉल में एक बार फिर दर्दनाक हादसा हो गया। शुक्रवार 16 मई 2026 को वॉटरफॉल में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। गर्मी के मौसम में अम्बिकापुर शहर से लगे जल स्रोतों में यह तीसरी बड़ी घटना मानी जा रही है। लगातार हो रही मौतों के बाद अब एक बार फिर लिब्रा वॉटरफॉल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग इन दिनों लिब्रा वॉटरफॉल पहुंच रहे हैं। इसी दौरान युवक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी लिब्रा वॉटरफॉल में कई हादसे हो चुके हैं। जून 2023 में नमनाकला निवासी 18 वर्षीय अंजलि बखला की नहाने के दौरान पैर फिसलने से डूबकर मौत हो गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से वॉटरफॉल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था और रास्तों पर बेरिकेट्स लगाए गए थे। वहीं मई 2024 में गांधी नगर निवासी अनू द्विवेदी की भी इसी वॉटरफॉल में डूबने से मौत हुई थी। बताया गया था कि युवक दोस्तों के साथ नहाने आया था।

लगातार हादसों के बावजूद लिब्रा वॉटरफॉल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते। यहां न तो चेतावनी बोर्ड पर्याप्त संख्या में लगाए गए हैं और न ही प्रशिक्षित गोताखोर या सुरक्षा कर्मियों की स्थायी तैनाती है। गर्मी के दिनों में हजारों लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासनिक निगरानी बेहद कमजोर दिखाई देती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लिब्रा वॉटरफॉल धीरे-धीरे “ लोकप्रिय हुआ, लेकिन यहां मौज-मस्ती के नाम पर शराबखोरी, हुड़दंग और खतरनाक तरीके से नहाने की घटनाएं लगातार बढ़ती गईं। कई बार मारपीट और अश्लील हरकतों के वीडियो भी वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित नहीं की गई।

बताया जाता है कि लिब्रा वॉटरफॉल धुनधूटा नदी डेम का हिस्सा है, जहां कई स्थानों पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है। गर्मी में पानी कम दिखाई देने के कारण लोग खतरे का अंदाजा नहीं लगा पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

अब लगातार हो रही मौतों के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वॉटरफॉल क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, खतरनाक हिस्सों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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