नई दिल्ली: देशभर में बदलते मौसम, आंधी और लगातार हो रही बारिश के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मानसून 2026 को लेकर राहतभरी जानकारी दी है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है।अगर मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो कई राज्यों में समय से पहले बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

15 मई तक अंडमान पहुंच सकता है मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक मानसून 15 मई तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पहुंच सकता है। सामान्य तौर पर मानसून यहां 20 मई के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार तेज मानी जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो मानसून 1 जून से पहले ही केरल तट पर पहुंच सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बढ़ा रहा रफ्तार

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सिस्टम मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।अनुमान है कि 16 मई तक मानसून बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्से और पूरे अंडमान समुद्री क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है। पिछले साल भी मानसून ने सामान्य समय से पहले अंडमान में दस्तक दी थी और इस बार भी हालात तेजी के संकेत दे रहे हैं।

केरल में जल्दी बारिश के आसार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अंडमान पहुंचने के करीब 15 दिनों के भीतर मानसून केरल पहुंच जाता है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस बार केरल में मानसून समय से पहले सक्रिय हो सकता है।हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून की तेज गतिविधियों के कारण कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान जैसे हालात भी बन सकते हैं।

अल नीनो ने बढ़ाई मौसम वैज्ञानिकों की चिंता

एक तरफ मानसून की जल्दी एंट्री राहत देने वाली खबर मानी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ अल नीनो की स्थिति मौसम विभाग की चिंता बढ़ा रही है।आईएमडी के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो की परिस्थितियां बनने लगी हैं, जिसका असर भारत की मॉनसूनी बारिश पर पड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है।

सामान्य से कम रह सकती है बारिश

दीर्घकालिक औसत यानी एलपीए के मुताबिक इस वर्ष देश में औसतन करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जबकि सामान्य औसत करीब 87 सेंटीमीटर माना जाता है।

यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो कई राज्यों में खेती और जल संकट की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ तटीय इलाकों समेत कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफानी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों और एडवाइजरी पर लगातार नजर बनाए रखें, खासकर समुद्री और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग।

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