
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में अहम फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर नए बदलाव किए गए हैं। इससे पहले 6 मई 2026 के आदेश में किए गए कुछ निर्णयों को संशोधित करते हुए अब अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पुष्पा साहू को मिली शिक्षा बोर्ड की अहम जिम्मेदारी बड़ा प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया
साल 2012 बैच की आईएएस अधिकारी पुष्पा साहू को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। पहले जारी आदेश में उन्हें कोरिया जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया था, लेकिन अब उसमें संशोधन करते हुए यह नई भूमिका सौंपी गई है।

राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद उनका पद भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष माना जाएगा। यह बदलाव शिक्षा प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
रोक्तिमा यादव को कोरिया जिले की कमान प्रशासनिक नेतृत्व में नया मोड़
2016 बैच की आईएएस अधिकारी रोक्तिमा यादव को अब कोरिया जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे आगामी आदेश तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी।
गौर करने वाली बात यह है कि पहले उन्हें उच्च शिक्षा आयुक्त पद पर पदस्थ किया गया था, लेकिन संशोधित आदेश के तहत अब उन्हें सीधे जिला प्रशासन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव जिले के प्रशासनिक संचालन में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण जोड़ने वाला माना जा रहा है।
रीता यादव को उच्च शिक्षा विभाग की कमान RUSA का अतिरिक्त प्रभार भी मिला
2019 बैच की आईएएस अधिकारी रीता यादव को आयुक्त, उच्च शिक्षा के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान यानी RUSA का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
राज्य शासन के अनुसार, उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह पद भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के समकक्ष माना जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में नीतिगत सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी।
सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सभी नियुक्तियां प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। शिक्षा और जिला प्रशासन दोनों ही स्तरों पर किए गए ये बदलाव आने वाले समय में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।





















