

CG News: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद सियासत अचानक तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उनका कहना है कि वह इस नतीजे को हार नहीं मानतीं, इसलिए पद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। इस बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
छत्तीसगढ़ से आया तीखा रिएक्शन, सिंहदेव ने उठाए सवाल
ममता बनर्जी के इस रुख पर छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी पद पर बने रहने की बात संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
‘बहुमत ही तय करता है सत्ता’, सिंहदेव ने बताया संवैधानिक नियम
टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का गठन बहुमत के आधार पर होता है। विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है और जिस दल को बहुमत मिलता है, राज्यपाल उसी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। ऐसे में हार के बाद पद पर बने रहने का तर्क समझ से परे है।
बयान से बढ़ी राजनीतिक गर्मी, आगे क्या होगा सबकी नजरें इस पर
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे संवैधानिक प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी और क्या इस मुद्दे पर नया सियासी टकराव देखने को मिलेगा।





















