

मध्य प्रदेश : Sehore जिले में भीषण गर्मी ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे पूरा इलाका तपिश की चपेट में है। खास बात यह है कि अप्रैल महीने में ही इतनी तेज गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
सड़क पर दिखा गर्मी का असर, डामर पिघलने लगा
मंगलवार को लू और तेज धूप का असर इतना बढ़ गया कि सीहोर श्यामपुर मार्ग पर सड़क का डामर पिघलने लगा। दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि सड़कें लगभग सुनसान नजर आ रही हैं और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट, अस्पतालों में खास तैयारी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। जिले के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट और ओआरएस कॉर्नर स्थापित कर दिए गए हैं, ताकि लू से प्रभावित मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग सख्त, हर मरीज पर नजर रखने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हर मरीज की जांच सतर्कता से की जाए और लू के लक्षण दिखते ही तुरंत उपचार शुरू किया जाए।
अस्पतालों में ठंडे पानी और सुविधाओं की व्यवस्था
अस्पतालों में मरीजों के लिए ठंडे पानी, पंखों और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
लू से बचाव जरूरी, जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है, जो लू का मुख्य कारण बनता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
गर्मी का खतरा अभी जारी, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए साफ है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ आम लोगों को भी सतर्क रहना जरूरी है, ताकि इस भीषण गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके।

































