

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत चल रही KYC प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। चॉइस सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्रों में बड़ी संख्या में हितग्राही महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। यह प्रक्रिया जून महीने तक जारी रहेगी।हालांकि, इस दौरान कई महिलाओं में नाम की स्पेलिंग को लेकर भ्रम और चिंता का माहौल भी देखा जा रहा है।
स्पेलिंग में मामूली गलती से बढ़ी चिंता, अपात्र होने का डर
योजना के तहत महिलाओं को डर सता रहा है कि यदि उनके नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड और पोर्टल में अलग हुई, तो उन्हें अपात्र घोषित किया जा सकता है और उनकी किस्त रुक सकती है।रायपुर समेत कई जिलों में यह समस्या सामने आई है कि एक अक्षर का अंतर भी महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन रहा है।कई मामलों में चॉइस सेंटर पर नाम में गड़बड़ी मिलने पर हितग्राहियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा जा रहा है, जहां सुधार की प्रक्रिया कराई जा रही है।
तेजी से हो रही KYC प्रक्रिया, 10 मिनट में पूरा काम
जानकारी के अनुसार, KYC प्रक्रिया लगभग 8 से 10 मिनट में पूरी हो रही है। आधार कार्ड के साथ आने वाली महिलाओं का तुरंत सत्यापन किया जा रहा है।लेकिन आंकड़ों के मुताबिक, हर 10 में से 3 से 4 मामलों में नाम की स्पेलिंग में अंतर सामने आ रहा है, जिससे प्रक्रिया में थोड़ी बाधा भी आ रही है।
विभाग का बयान, पैनिक की जरूरत नहीं
महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी शैल ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हितग्राही को घबराने की जरूरत नहीं है।उन्होंने कहा कि KYC एक सामान्य और तकनीकी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी का नाम हटाना नहीं बल्कि रिकॉर्ड को सही करना है। यदि नाम में कोई अंतर पाया जाता है तो उसे आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से आसानी से ठीक किया जा सकता है।
योजना का मकसद लाभ सुनिश्चित करना, न कि रोकना
अधिकारियों के अनुसार, महतारी वंदन योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं तक सहायता पहुंचाना है। इसलिए स्पेलिंग या तकनीकी त्रुटियों को सुधारने के लिए पूरा सिस्टम सक्रिय है ताकि किसी भी लाभार्थी को योजना से वंचित न होना पड़े।
































