

मध्य प्रदेश : के औद्योगिक शहर Pithampur में श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। वेतन वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर करीब 500 महिला और पुरुष कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 3 स्थित मदरसन कंपनी की यूनिट के बाहर जारी है।
दूसरे दिन भी जारी हड़ताल, प्रबंधन पर शोषण के आरोप
हड़ताल के दूसरे दिन भी कर्मचारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उनसे तय समय से ज्यादा काम करवाता है, लेकिन इसके बदले उचित वेतन नहीं दिया जाता। बढ़ती महंगाई में कम सैलरी पर जीवन यापन मुश्किल हो गया है।
नौकरी से निकाले जाने पर भड़के कर्मचारी
कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में कुछ साथियों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया। इससे बाकी कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका आरोप है कि प्रबंधन दबाव बनाकर आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।
महिला कर्मचारियों ने उठाए गंभीर मुद्दे
प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारियों ने भी कई अहम मुद्दे उठाए। उनका कहना है कि कंपनी में न तो मेडिकल सुविधा उपलब्ध है और न ही महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी दी जाती है। इस तरह की परिस्थितियों में काम करना बेहद मुश्किल हो रहा है।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांगों में निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, वेतन वृद्धि और काम के घंटे तय करना शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन सतर्क, हालात पर कड़ी नजर
हड़ताल के चलते औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
श्रमिक एकजुटता ने बढ़ाई चिंता
पीथमपुर की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी हाल के दिनों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिससे श्रमिकों की एकजुटता बढ़ती नजर आ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

































