अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरबेना के सहायक ग्राम चंदाडाढ़ी में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान के लिए सर्वे कार्य एक बार फिर सोमवार को शुरू किया गया। प्रशासन और हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड की संयुक्त टीम परीक्षण मशीनों के साथ मौके पर पहुंची, जहां किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड को लगभग एक वर्ष पूर्व “परफेक्टिंग लीज” का लाइसेंस प्राप्त हुआ है। इसके बाद से कंपनी द्वारा प्रस्तावित लीज क्षेत्र के चयन और खनिज उपलब्धता के आकलन के लिए लगातार सर्वे की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, शुरुआत से ही इस सर्वे को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में असमंजस और आशंकाएं बनी हुई हैं। पूर्व में कई बार सर्वे के दौरान ग्रामीणों के विरोध और तनावपूर्ण माहौल के चलते कार्य बाधित हो चुका है। ऐसे में प्रशासन इस बार पूरी तैयारी और रणनीति के साथ मैदान में उतरा।

प्रशासनिक अमला और तकनीकी टीम रही मौजूद..

सोमवार को किए गए सर्वे के दौरान कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो, तहसीलदार रॉकी एक्का सहित राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी में एसडीओपी आशीष कुंजाम एवं कई थाना प्रभारी अलग - अलग थाना व अंयंत्र जिला से पहुंची भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। इसके साथ ही हिंडालको के खान प्रभाग सामरी की तकनीकी टीम भी आधुनिक परीक्षण मशीनों के साथ उपस्थित रही।

सर्वे के दौरान जमीन से नमूने (सैंपल) एकत्रित किए जा रहे थे। इसी बिच मशीन में तकनिकी खराबी आ गई। जिससे सैंपलिंग लिए जाने की कार्य कुछ देर तक रुक गई। जमीन से नमूने (सैंपल) के आधार पर क्षेत्र में बॉक्साइट की उपलब्धता, गुणवत्ता और खनन की संभावनाओं का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चंदाडाढ़ी में संपन्न हुआ यह सर्वे प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब आगे की प्रक्रिया और परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय जनभावनाओं और पर्यावरणीय संतुलन को किस तरह साधा जाता है. इस ओर सभी की निगाहेँ टिकी हुई हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस छावनी जैसा माहौल..

संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अलावा सरगुजा और जशपुर जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि माहौल पुलिस छावनी जैसा नजर आया। हालांकि, आज सोमवार को सर्वे के दौरान किसी प्रकार का विरोध या तनाव देखने को नहीं मिला और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होती रही।

ग्रामीणों की चिंता बरकरार..

भले ही सर्वे कार्य शांति से पूरा हो गया, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के बीच जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय प्रभाव और संभावित विस्थापन को लेकर अभी भी कई सवाल और आशंकाएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी और भरोसेमंद आश्वासन चाहिए।

प्रशासन के सामने भरोसा जीतने की चुनौती..

इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशासन और कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और उनकी शंकाओं का समाधान करना होगा। यदि संवाद और पारदर्शिता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में एक बार फिर विरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

एसडीएम ने कहा..

इस संबंध में कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो ने बताया कि हिंडालको कंपनी को “परफेक्टिंग लीज” का लाइसेंस प्राप्त हुआ है, जिसके तहत सर्वे कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही और सर्वे कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

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