सूरजपुर: जिले में साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामले में सूरजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने और साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े होने का आरोप है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम दवना निवासी विजय प्रताप ने 29 अक्टूबर 2025 को थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि भूपेन्द्र विश्वकर्मा ने एसईसीएल में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे 20 हजार रुपये और उसके रिश्तेदार रतन सिंह से 35 हजार रुपये, कुल 55 हजार रुपये वसूले। लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करने लगा।मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया। वहीं जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी के बैंक खाते का उपयोग साइबर फ्रॉड में होने की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दूसरा मामला भी दर्ज किया।

डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबिश देकर भूपेन्द्र विश्वकर्मा (उम्र 40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए और उन्हें अपने निजी शौक में खर्च कर दिया। साथ ही उसने अपना बैंक खाता, एटीएम और सिम साइबर फ्रॉड गिरोह को किराए पर देकर हर माह पैसे कमाने की बात भी कबूली।जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में करीब 77 लाख 84 हजार रुपये का लेन-देन हुआ है, जो विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों से जुड़ा है।पुलिस ने आरोपी को 10 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विमलेश दुबे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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