

लखनपुर( प्रिंस सोनी): लखनपुर विकासखंड के ग्राम तुनगूरी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति के ग्रामीणों को फरवरी और मार्च माह का राशन नहीं मिलने से गंभीर संकट की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान संचालक पर राशन वितरण में गड़बड़ी और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, फरवरी माह में जहां प्रति परिवार 35 किलो चावल मिलना था, वहां मात्र 10 किलो ही दिया गया। वहीं मार्च माह में कई हितग्राहियों से अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन का वितरण नहीं किया गया। इस कारण कोरवा जनजाति के लोगों के सामने भोजन का संकट गहरा गया है और वे जंगलों से लकड़ी लाकर बेचने को मजबूर हैं।
पीड़ितों में दो दिव्यांग भाई सुखराम और बंधन, तिहारी बाई, बुधनी बाई सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। इनका आरोप है कि राशन कार्ड में 25 किलो बकाया दर्शाया गया, लेकिन वास्तविक वितरण नहीं हुआ। राशन मांगने पर दुकान संचालक द्वारा डांट-फटकार और अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इस संबंध में शिकायत की गई थी और अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हुई। अब तक संबंधित संचालक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उसकी मनमानी जारी है।
वहीं, इस मामले में सोसायटी संचालक पुरुषोत्तम राजवाड़े का कहना है कि वे पिछले 18 माह से समिति का संचालन कर रहे हैं और पहले से ही 157 क्विंटल राशन की कमी थी। साथ ही एक माह का राशन दुकान में नहीं आने के कारण वितरण में दिक्कतें आ रही हैं, जिसे धीरे-धीरे मैनेज किया जा रहा है।
फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक कोरवा जनजाति के जरूरतमंद लोगों को उनका हक मिलेगा और प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।

































