जशपुर। एक ओर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आती हैं, वहीं दूसरी ओर फरसाबहार से सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एम्बुलेंस का उपयोग मरीजों की बजाय गैस सिलेंडर ढुलाई के लिए होते हुए दिखाया गया है।

मरीजों की जगह गैस सिलेंडर की ढुलाई

मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार का है, जहां एम्बुलेंस का इस्तेमाल पोषण पुनर्वास केंद्र के लिए गैस सिलेंडर लाने में किया गया। आमतौर पर यह वाहन आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उपयोग में लाया जाता है, लेकिन यहां नियमों को नजरअंदाज करते हुए इसे परिवहन वाहन की तरह इस्तेमाल किया गया।

कर्मचारी की भूमिका आई सामने

जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य केंद्र के अकाउंटेंट रजनीश बुनकर की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उनके निर्देश पर एम्बुलेंस में गैस सिलेंडर लोड कर उसे लाया गया। वायरल वीडियो में यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

बीएमओ ने जताई अनभिज्ञता

इस घटना को लेकर जब फरसाबहार के बीएमओ डॉ. के. के. डाहिरे से सवाल किया गया, तो उन्होंने एम्बुलेंस के इस तरह उपयोग को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी पहले नहीं थी और मीडिया के माध्यम से ही इसका पता चला। साथ ही भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए अलग वाहन की व्यवस्था करने की बात कही।


जिम्मेदारी और निगरानी पर उठे सवाल

वायरल वीडियो में सामने आए दृश्य यह संकेत देते हैं कि बिना जानकारी के इस तरह की गतिविधि संभव नहीं है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या यह केवल लापरवाही है या फिर जिम्मेदारों की मिलीभगत। फिलहाल, यह मामला स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है।

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