

बिलासपुर : रेल मंडल में अधोसंरचना को मजबूत करने के तहत चौथी लाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-नैला स्टेशन पर कनेक्टिविटी और ऑटो सिग्नलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इन तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते प्री नॉन और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होना है, जिसके कारण रेल संचालन पर व्यापक असर पड़ा है।
हावड़ा-मुंबई रूट पर असर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इस व्यस्त सेक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से कई यात्री ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के संचालन में आंशिक बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल संचालन के लिए जरूरी है।
ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द
- 16 से 27 अप्रैल तक बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू
- 16 से 27 अप्रैल तक रायगढ़–बिलासपुर मेमू
- 15 से 26 अप्रैल तक बिलासपुर–रायगढ़ मेमू
- 15 से 26 अप्रैल तक रायपुर–गेवरा रोड मेमू
- 16 से 27 अप्रैल तक गेवरा रोड–रायपुर मेमू
- 15 से 26 अप्रैल तक रायपुर–कोरबा पैसेंजर
- 16 से 27 अप्रैल तक कोरबा–रायपुर पैसेंजर
- 16 से 27 अप्रैल तक बिलासपुर–गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू
- 16 से 27 अप्रैल तक बिलासपुर–कोरबा–बिलासपुर मेमू
- 11 से 25 अप्रैल तक बिलासपुर–गेवरा रोड पैसेंजर
आंशिक रूप से चलने वाली ट्रेनें
- गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर 16 से 27 अप्रैल तक केवल बिलासपुर तक चलेगी
- झारसुगुड़ा–गोंदिया पैसेंजर इसी अवधि में बिलासपुर से ही शुरू होगी
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कोरबा–रायपुर–कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 16 से 27 अप्रैल तक लागू रहेगी और यह ट्रेन कोरबा से बिलासपुर के बीच संचालित होगी।
यात्रा से पहले जानकारी लेना जरूरी
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अधिकृत पूछताछ सेवाओं से ट्रेन की ताजा स्थिति जरूर जांच लें। इससे अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है और यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान किया जा सकेगा।
































