

दिल्ली : पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी को दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया। पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी को एक दिन की रिमांड पर भेज दिया है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
पूछताछ में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
अब तक की जांच में आरोपी रिजवान अहमद ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह देश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रहा था। पुलिस का दावा है कि वह कुशीनगर में विस्फोटक तैयार करने के लिए सामग्री जुटा रहा था।
धार्मिक स्थलों को बनाया गया था निशाना
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी के निशाने पर देश के कई अहम धार्मिक स्थल थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसे बम तैयार करने की तकनीक विदेश से वीडियो कॉल के जरिए सिखाई गई थी।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं और संदिग्ध गतिविधियां बढ़ने के बाद उसे हिरासत में लिया गया।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का संपर्क ISIS से जुड़े विदेशी हैंडलर्स से था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके संपर्क में रहकर निर्देश ले रहा था।
युवाओं को जोड़ने का काम भी सौंपा गया
पुलिस के अनुसार आरोपी को न केवल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का लक्ष्य दिया गया था, बल्कि उसे युवाओं को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके तहत वह भर्ती की कोशिशों में सक्रिय था।
आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

































