

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कहा कि जांच एजेंसियों ने वर्तमान राज्य विधानसभा चुनावों में प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातुएं और मुफ्त उपहार जब्त किए हैं।
चुनावी राज्यों में बंगाल ने सर्वाधिक अवैध लेन-देन में 319 करोड़ रुपये की जब्ती की। तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपये और असम में 97 करोड़ रुपये की जब्ती हुई। केरल में 58 करोड़ रुपये और पुडुचेरी में 7 करोड़ रुपये की जब्ती हुई।चुनाव आयोग के अनुसार, 26 फरवरी को इलेक्ट्रानिक सीजर प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) के सक्रिय होने के बाद से कुल 651.51 करोड़ रुपये की जब्ती दर्ज की गई है, जो चुनावी क्षेत्रों में बढ़ती निगरानी को दर्शाती है। चुनावी राज्यों में ड्रग्स ने कुल जब्त की गई राशि में 230 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि मुफ्त उपहार और अन्य प्रलोभनों का मूल्य 231.01 करोड़ रुपये था।शराब की जब्ती 29.63 लाख लीटर से अधिक थी, जिसका मूल्य 79.3 करोड़ रुपये था, जबकि नकदी की जब्ती 53.2 करोड़ रुपये हुई। जांच अभियान में 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं भी जब्त की गईं। चुनावी उड़न दस्तों और जांच एजेंसियों ने रविवार तक बंगाल में 319 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब और अन्य मुफ्त उपहार जब्त किए हैं।
पांच चुनावी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में, बंगाल मुफ्त उपहारों (150 करोड़ रुपये), शराब (55 करोड़ रुपये), कीमती धातुओं (39 करोड़ रुपये) और नकदी (11 करोड़ रुपये) की जब्ती में शीर्ष पर है, जो मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए उपयोग की जा रही थीं।
ड्रग्स, जिनकी कीमत 65 करोड़ रुपये है, बंगाल से कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा दो चरणों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर जब्त की गई हैं। पांचों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जब्त की गई 29.63 लाख लीटर शराब में से बंगाल में अधिकतम 21.29 लाख लीटर की जब्ती हुई है।
कब कहां चुनाव?
आयोग ने 15 मार्च को असम, केरलम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के साथ-साथ छह राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। आयोग ने 5,173 उड़न दस्तों को तैनात किया है, जिन्हें 100 मिनट में शिकायतों का जवाब देना होगा। 5,200 स्थिर निगरानी टीमों को प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है।

































