

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी के मौसम के साथ दूषित पानी की समस्या गंभीर रूप से बढ़ गई है। इसे देखते हुए स्थानीय नागरिक और संगठन सक्रिय हो रहे हैं। इस दिशा में अर्थ वारियर्स संस्था ने 'सिटिजन वाटर टेस्टिंग लैब' की शुरुआत की है। इसके जरिए आम लोग अपने घरों में उपयोग हो रहे पानी की गुणवत्ता जांच सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका पीने का पानी सुरक्षित है या नहीं।
घरों में पानी की जांच अब आसान
आमतौर पर लोग बदबूदार, गंदे या सीवर युक्त पानी की आपूर्ति की शिकायतें करते रहते हैं। ऐसे में जब घर में पानी की गुणवत्ता पर शक हो, तो सिटिजन वाटर टेस्टिंग लैब मददगार साबित हो सकती है।
पानी में किसी भी तरह की गंध, रंग या स्वाद की समस्या होने पर नागरिक पानी के नमूने की फोटो व्हाट्सएप नंबर 8796062203 पर भेज सकते हैं। इसके बाद लैब के सदस्य नमूने एकत्र करेंगे। जांच के बाद रिपोर्ट भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अनुसार पोर्टल पर जारी की जाएगी।
हाल के परीक्षण में मिले चिंताजनक परिणाम
अर्थ वारियर्स टीम ने पिछले 10 दिनों में दिल्ली-एनसीआर के कुल 21 पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।
दिल्ली में पांच सार्वजनिक स्थानों के नमूनों की स्थिति:
- फ्री रेसिडुअल क्लोरीन (FRC): 0.01 से 0.19 मिलीग्राम प्रति लीटर, जबकि मानक 0.2 से 0.5 होना चाहिए।
- टीडीएस (टोटल डिजाल्वड सालिड्स): 535, 854 और 1061 मिलीग्राम प्रति लीटर, जो मानक से अधिक है।
- स्वाद: दो नमूनों में कड़वाहट।
- टर्बिडिटी (धुंधलापन): एक नमूने में 3.71 NTU, जबकि मानक 1 NTU से कम होना चाहिए।
इन परिणामों से स्पष्ट है कि कई इलाकों में पीने का पानी सुरक्षित स्तर पर नहीं है और नागरिकों की सतर्कता बेहद जरूरी है।
नागरिकों के लिए संदेश
सिटिजन वाटर टेस्टिंग लैब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लोग अपने घरों का पानी जांचा सकते हैं और गुणवत्ता के आधार पर उचित कदम उठा सकते हैं। इस पहल से न केवल पानी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।

































