05 अप्रैल 2026, रविवार का पंचांग

शुभ कार्यों के लिए कैसा है आज का दिन, जानें विस्तार से

आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतिया तिथि है, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। इस तिथि के अधिष्ठाता देव अग्नि माने जाते हैं, इसलिए यह दिन सृजन, निर्माण और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। कला, वास्तु या किसी नई योजना पर काम शुरू करने के लिए समय प्रेरणादायक रह सकता है।


दिन का पंचांग विवरण

ग्रह-नक्षत्र और समय की स्थिति

  • विक्रम संवत: 2082
  • मास: वैशाख
  • पक्ष: कृष्ण
  • तिथि: तृतिया
  • वार: रविवार
  • योग: वज्र
  • नक्षत्र: विशाखा
  • करण: विष्टि
  • चंद्र राशि: तुला
  • सूर्य राशि: मीन

सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: 06:07 प्रातः
  • सूर्यास्त: 06:41 सायं
  • चंद्रोदय: 09:59 रात्रि
  • चंद्रास्त: 08:08 प्रातः

आज का नक्षत्र

विशाखा नक्षत्र का प्रभाव

आज चंद्रमा तुला राशि में रहते हुए विशाखा नक्षत्र में गोचर कर रहा है। यह नक्षत्र तुला के अंतिम भाग से वृश्चिक के प्रारंभिक अंश तक विस्तृत होता है। इसके स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं और देवता इन्द्राग्नि माने जाते हैं।

विशाखा नक्षत्र को मिश्रित प्रकृति का माना जाता है, जो एक ओर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, वहीं दूसरी ओर धैर्य और संतुलन की परीक्षा भी लेता है।
आज का दिन विशेष रूप से इन कार्यों के लिए अनुकूल रह सकता है:

  • व्यापार और निवेश से जुड़ी योजनाएं
  • शिक्षा और प्रतियोगी तैयारी
  • नए प्रोजेक्ट या लक्ष्य की शुरुआत

हालांकि सफलता के लिए जल्दबाजी से बचना और संतुलित निर्णय लेना बेहद जरूरी रहेगा।


अशुभ समय

इन समयों में करें सावधानी

  • राहुकाल: 05:07 सायं से 06:41 सायं
  • यमगंड: 12:24 दोपहर से 01:58 दोपहर

इन समयों के दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को टालना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा गुलिक काल और अन्य अशुभ मुहूर्त में भी सतर्कता जरूरी है।

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