

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बार फिर अंदरुनी कलह ने जोर पकड़ लिया है। पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है, जिससे अंदरुनी मतभेद और सार्वजनिक हो गए हैं।
राघव चड्ढा का सख्त रिएक्शन
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया और लिखा,
"मैं हारा नहीं हूं, बल्कि मुझे खामोश किया गया है। यह मेरा ‘आम आदमी’ को संदेश है।"
वीडियो में उन्होंने कहा कि संसद में उन्होंने अक्सर उन मामलों को उठाया जो आमतौर पर चर्चा में नहीं आते। उनका सवाल है कि क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है? उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी खामोशी को हार समझना गलत होगा और चेतावनी दी कि आवाज़ दबाने वालों के सामने वह सैलाब की तरह वापस आएंगे।
वीडियो में राघव के मुख्य बिंदु
- उन्होंने पूछा कि उन्होंने पब्लिक के मुद्दे उठाकर पार्टी को क्या नुकसान पहुँचाया?
- कहा कि राज्यसभा सचिवालय से उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।
- चेतावनी दी कि खामोशी उनकी हार नहीं, बल्कि वक्त आने पर जोरदार प्रतिक्रिया होगी।
- पार्टी के फैसले को लेकर सवाल उठाया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है।
AAP ने गुरुवार को राघव को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया था।
स्वाति मालीवाल की राह पर राघव?
राघव के तेवरों से साफ है कि पार्टी और उनके बीच रिश्ते अब सहज नहीं रहेंगे। इसकी तुलना स्वाति मालीवाल की बगावत से की जा रही है।
- स्वाति ने आरोप लगाया था कि अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव ने उनके साथ मारपीट की।
- हाईकमान ने विभव के पक्ष में फैसला लिया, जिसके बाद स्वाति पार्टी से बगावत कर गई।
- राघव भी अब उसी राह पर जाने की संभावना रखते हैं, क्योंकि वे पार्टी में अपनी आवाज़ दबाए जाने को लेकर नाराज हैं।

































