

रायपुर | 31 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता का ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि राज्य अब लंबे समय से जकड़े नक्सलवाद से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और सुशासन के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को श्रेय
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट रणनीति और अडिग इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता इस साहसिक प्रयास के लिए उनका आभारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयास और सुरक्षाबलों के अदम्य साहस ने नक्सलवाद के खात्मे में निर्णायक भूमिका निभाई।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयान पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल का बयान तथ्यहीन है और पिछली विफलताओं को छुपाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार के दौरान न तो स्पष्ट रणनीति थी और न ही दृढ़ इच्छाशक्ति, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर रही।
केंद्र और राज्य का समन्वय
विष्णुदेव साय ने बताया कि दिसंबर 2023 में सरकार बदलते ही केंद्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित हुआ। अगले महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ का दौरा कर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की गहन समीक्षा की। समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि देश में कुल नक्सलवाद का 75 प्रतिशत प्रभाव छत्तीसगढ़ में था, जो पूर्व सरकार की नीतिगत विफलता का प्रमाण है।
बस्तर क्षेत्र का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर क्षेत्र के विकास को बाधित किया। प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद यह क्षेत्र लगभग 40 वर्षों तक विकास से वंचित रहा। अब स्थिति बदल रही है और बस्तर मुख्यधारा में लौट रहा है।
नक्सलवाद का समूल उन्मूलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय किया था, जो अब वास्तविकता में बदल रहा है। यह केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग, रणनीति और सक्रिय सुरक्षा उपायों का परिणाम है।
राहुल गांधी पर हमला
साथ ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान नक्सली समर्थक तत्वों के साथ मंच साझा करना और हिडमा जैसे खूंखार नक्सली की घटनाओं पर विवादास्पद टिप्पणियाँ करना राष्ट्रहित के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र मिलकर नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ रही हैं और राज्य अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

































