सूरजपुर:  विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले में वर्ष 2024 एवं 2025 में टीबी मुक्त घोषित पंचायतों को प्रशस्ति पत्र तथा महात्मा गांधी की कांस्य, रजत और स्वर्ण प्रतिमाएँ प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही टीबी उन्मूलन हेतु 100 दिवसीय अभियान के दूसरे चरण का विधिवत उद्घाटन भी किया गया।इस अभियान के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीबी रोग की स्क्रीनिंग करेंगे तथा एक्स-रे शिविर लगाकर जाँच की जाएगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सूरजपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहेगा। पुरस्कृत पंचायतों को देखकर अन्य पंचायतें भी प्रेरित होंगी, जिससे समाज और व्यक्ति दोनों को लाभ मिलेगा।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र पाटले ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग एवं अन्य विभागों के समन्वय से ही सूरजपुर को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने टीबी के लक्षण, जाँच और उपचार के प्रति जन-जागरूकता को अनिवार्य बताया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैंकरा ने टीबी मुक्त पंचायत अभियान एवं 100 दिवसीय अभियान के दूसरे चरण के बारे में उपस्थित जनों को विस्तार से जानकारी दी। शशिकांत गर्ग ने टीबी को सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधक बताते हुए इसे एक गंभीर चुनौती करार दिया। मुरली मनोहर सोनी ने कहा कि जन जागरूकता के अभाव में टीबी से अनेक लोगों की जान जाती है, इसलिए शत-प्रतिशत उन्मूलन के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

जिले के 6 विकासखंडों की कुल 122 पंचायतों को उनकी उपलब्धि के अनुसार महात्मा गांधी की प्रतिमा से सम्मानित किया गया। पहले वर्ष टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतों को कांस्य, लगातार दो वर्ष मुक्त रहने वाली पंचायतों को रजत तथा लगातार तीन वर्ष मुक्त रहने वाली पंचायतों को स्वर्ण प्रतिमा प्रदान की गई। विकासखंड सूरजपुर की 21 पंचायतों में से 16 को कांस्य, 5 को रजत तथा 2 को स्वर्ण प्रतिमा प्रदान की गई। विकासखंड प्रतापपुर की 21 पंचायतों में से 16 को कांस्य, 5 को रजत एवं 2 को स्वर्ण प्रतिमा मिली। विकासखंड रामानुजनगर की 33 पंचायतों में से 28 को कांस्य तथा 5 को रजत प्रतिमा से नवाजा गया। विकासखंड भैयाथान की 28 पंचायतों में से 13 को कांस्य, 13 को रजत तथा 2 को स्वर्ण प्रतिमा प्रदान की गई। विकासखंड ओड़गी की 19 पंचायतों में से 15 को कांस्य, 3 को रजत एवं 1 को स्वर्ण प्रतिमा मिली। विकासखंड प्रेमनगर की 10 पंचायतों में से 8 को कांस्य तथा 2 को रजत प्रतिमा प्रदान की गई।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. राजेश पैंकरा एवं  शिवराजवाड़े सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने किया। यह पूरा आयोजन राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के संजीत सिंह के नेतृत्व में पीलेश्वर नौरंगे, उमेश गुप्ता, जनेश्वर सिंह, प्रभुनारायण साहू, कबीर सिंह, कविता गुप्ता, धनुलाल टोप्पो, रामविलास, मदनलाल, सुभाष यादव, नीरेश दुबे, नितीश दुबे सहित अनेक सहयोगियों के अथक परिश्रम से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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