

Share Market Crash: के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। सोमवार के दिन निफ्टी करीब 600 अंक टूटकर 22,510 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सेंसेक्स 1,990 अंक गिरकर 72,640 के करीब पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में इस समय वैश्विक तनाव और तेल की कीमतों में उछाल मुख्य वजह हैं। कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। लंबे समय तक महंगे तेल का असर न केवल शेयर बाजार, बल्कि GDP ग्रोथ पर भी पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार को कमजोर किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव और हाल ही में ट्रंप द्वारा ईरान को चेतावनी देने के बाद विदेशी निवेशकों ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार में घबराहट और बढ़ गई।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक फिलहाल शेयर बाजार से दूरी बनाए रखें और जल्दबाजी में निवेश न करें। मिडिल ईस्ट के तनाव और वैश्विक अस्थिरता के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
Share Market Crash ने निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशकों को अब सतर्क रहकर ही आगे के फैसले लेने की जरूरत है, ताकि भारी नुकसान से बचा जा सके।

































