

चैत्र नवरात्र के छठे दिन मनाया जाने वाला यमुना छठ 2026 इस बार खास संयोग लेकर आ रहा है। 24 मार्च को पड़ने वाले इस पर्व पर मां कात्यायनी की पूजा के साथ देवी यमुना का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी दिन यमुना जी का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, इसलिए इसे यमुना जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है।
यमुना छठ 2026 विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान कर यमुना जी की पूजा करते हैं और नदी तट पर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। भक्तजन माता यमुना से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मथुरा-वृंदावन में लोग पीले वस्त्र धारण कर यमुना स्नान करते हैं और फल-मिठाई का प्रसाद चढ़ाते हैं। शाम के समय विशेष आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि शाम 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन इसका प्रभाव रहेगा। रोहिणी नक्षत्र शाम 7 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 6:21 बजे और सूर्यास्त शाम 6:34 बजे होगा।
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:46 से 5:34 बजे तक रहेगा, जबकि अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:19 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:33 से 6:57 बजे तक और अमृत काल शाम 4:06 से 5:35 बजे तक रहेगा।
खास बात यह है कि यमुना छठ 2026 पर द्विपुष्कर योग और रवि योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं। हालांकि, राहुकाल शाम 3:31 से 5:03 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।

































