
पंचांग : आज 22 मार्च, 2026 रविवार, के दिन चैत्र महीने की शुक्ल चतुर्थी तिथि है. ये तिथि भगवान गणेश द्वारा नियंत्रित होती है. विरोधियों के खिलाफ रणनीतिक योजना बनाने के लिए अच्छी है, लेकिन रिक्ता तिथि होने के कारण किसी भी तरह का शुभ काम नहीं करना चाहिए.
22 मार्च का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : चैत्र
- पक्ष : शुक्ल चतुर्थी
- दिन : रविवार
- तिथि : शुक्ल चतुर्थी
- योग : वैधृति
- नक्षत्र : भरणी
- करण : वणिज
- चंद्र राशि : मेष
- सूर्य राशि : मीन
- सूर्योदय : सुबह 06:23 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:33 बजे
- चंद्रोदय : सुबह 08.10 बजे
- चंद्रास्त :रात 10.20 बजे
- राहुकाल : 17:02 से 18:33
- यमगंड : 12:28 से 13:59
शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेंगे. मेष राशि में 13:20 से 26:40 तक इसका विस्तार होता है. इस नक्षत्र के देवता यम हैं और शुक्र इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह हैं. ये नक्षत्र उग्र और क्रूर स्वभाव का होता है. माना जाता है कि इस नक्षत्र में क्रूर कार्य, कुआं खोदना, कृषि संबंधी काम, दवा बनाने, आग से कोई वस्तु बनाने आदि कार्य करना उपयुक्त माना जाता है. इस नक्षत्र में किसी को भी पैसा उधार नहीं देना चाहिए. हथियार संबंधी काम, पेड़ काटने या प्रतियोगिता में आगे बढ़ने आदि कार्य इस नक्षत्र में करना अच्छा रहता है. शुभ कार्यों के लिए यह नक्षत्र अनुकूल नहीं है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 17:02 से 18:33 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

































