

इंदौर : अग्निकांड की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट सामने आने की संभावना है। इस मामले में बिजली कंपनी और पुलिस की जांच में स्मार्ट मीटर डेटा सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है, जिससे घटना के कारणों को समझने में बड़ी मदद मिल रही है।
जांच के अनुसार, घटना के समय घर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी, जिससे बिजली का लोड सामान्य से कई गुना बढ़ गया था। स्मार्ट मीटर के आंकड़ों से पता चला है कि रात करीब 11 बजे से सुबह 3 बजे तक लगातार कार चार्जिंग होती रही। जांच एजेंसियां मीटर रीडर इंस्ट्रूमेंट (MRI) के जरिए मिनट-दर-मिनट डेटा का विश्लेषण कर रही हैं।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आग की शुरुआत कार से ही हुई। माना जा रहा है कि ओवरचार्जिंग के कारण बैटरी में विस्फोट हुआ, जिससे आग तेजी से फैल गई। हालांकि, शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग जैसे अन्य संभावित कारणों की भी जांच जारी है।
इंदौर अग्निकांड में एक और पहलू यह भी सामने आया है कि वाहन मालिक के परिवार ने दावा किया था कि कार चार्जिंग पर नहीं थी और आग बिजली के खंभे से निकली चिंगारी से लगी। इस दावे की पुष्टि के लिए बिजली कंपनी, फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स और पुलिस टीम ने मौके पर विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच में यह भी पाया गया कि घर का स्वीकृत लोड 15 किलोवाट था, लेकिन कार चार्जिंग शुरू होते ही खपत अचानक बढ़ जाती थी। पिछले तीन महीनों के डेटा में भी यही पैटर्न सामने आया। घटना वाली रात ऑटो कट-ऑफ के बाद बिजली सप्लाई दोबारा शुरू हुई, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ।

































