बलरामपुर: बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 3.67 एकड़ भूमि में की जा रही अफीम की खेती को जब्त कर नष्ट किया गया है। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को थाना कुसमी प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में रूपदेव भगत और कौषिल भगत के खेत में अवैध रूप से मादक पदार्थ अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी कुसमी, एसएफएल टीम, प्रशासनिक अधिकारियों तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो पाया कि खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है और कुछ लोग उसकी निगरानी कर रहे थे।

मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम रूपदेव राम भगत (50), कौषिल भगत (30), मनोज कुमार (24), जिरमल मुण्डा (56), उपेन्द्र कुमार (27), विन्देष्वर (45) और कृष्णा सिंह बताया। जांच के दौरान खेत में लगे अफीम के पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। साथ ही खेत में रखे दो डिब्बों में आधा-आधा भरा अफीम का लासा तथा चार बड़े और एक छोटे बोरे में रखे सूखे फल भी बरामद किए गए।बरामद सभी अवैध मादक पदार्थों को विधिवत तौल कराने पर कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपयेआंकी गई है। इसके बाद पुलिस ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि करीब 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) भूमि में अफीम की खेती की जा रही थी। यह भूमि डीसीएस सर्वे में पड़ती के रूप में दर्ज है और सामान्यतः यहां खेती नहीं होती है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत परीक्षण कर जब्ती की कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए एंड-टू-एंड विवेचना जारी है और इस अवैध खेती से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। वहीं राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती या तस्करी के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!