सूरजपुर: सूरजपुर जिले के कलेक्टर  एस. जयवर्धन एवं पदेन अध्यक्ष जिला पुरातत्व संघ के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग अंतर्गत सभी जिलों के जिला पुरातत्व संघ के अधिकृत प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा “जिला पुरातत्त्वीय संघों के निर्माण एवं कार्यविधियाँ” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला 07 से 09 मार्च तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित की गई जिसमे सूरजपुर जिले के जिला पुरातत्व संघ के शासकीय सदस्य डॉ. मोहन साहू कार्यशाला में शामिल हुए संबंधित कार्यशाला के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में उनकी भूमिका को स्पष्ट करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि पुरातत्व संघों की सक्रियता सामुदायिक सहभागिता से ही संभव है।
 

इस कार्यशाला में पुरातत्त्व, संग्रहालय प्रबंधन तथा विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों में जिला पुरातत्व संघ के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया  तकनीकी सत्र में “संग्रहालयों के संचालन में जिला पुरातत्त्वीय संघों की भूमिका” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रो. आर. एन. विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, संस्कृति एव पुरातत्व विभाग से सेवानिवृत अधिकारी राहुल कुमार सिंह एव विषय से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिया गया।

इसके पश्चात परिचर्चा सत्र में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अपने जिले में संघ के माध्यम से कराए जा रहें कार्यों और गतिविधियों की जानकारी दी और उनकी चुनौतियों और समस्याओं पर विशेषज्ञों ने समाधानकारक उपाय बतलाए। कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।              
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पी.सी. पारख एव प्रभात कुमार सिंहपरिहार, डॉ. वृषोत्तम साहू, प्रवीन तिर्की, डॉ. राजीव मिंज, डॉ. विनोद कुमार पांडे मनेंद्रगढ़ के द्वारा भी पुरातात्विक संघों के लिए विस्तृत जानकारी उपलब्ध कार्य कराया गया, साथ ही बताया गया की मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूर्व में बने नियम एव उपबंध छत्तीसगढ़ में प्रचलन में हैं।

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