


सूरजपुर: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। त्यौहारों के मौसम में वेतन लंबित होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। होली जैसे बड़े पर्व से ठीक पहले वेतन जारी करने की मांग तेज हो गई है।
एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि बढ़ती महंगाई के दौर में बिना वेतन के परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। कर्मचारियों को वृद्ध माता-पिता की दवाइयों, बच्चों की स्कूल फीस और घर के किराए जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि त्यौहार के समय जहां खुशियां होनी चाहिए, वहां कर्मचारियों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताते हुए कहा कि वर्षभर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने वाले कर्मचारियों को ही वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन और विभागीय अधिकारियों से अपील की कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद वेतन जारी करने में देरी क्यों हो रही है। साथ ही एनएचएम कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेने की आवश्यकता जताई गई।
जिलाध्यक्ष डॉ. बृजलाल पटेल ने चेतावनी दी कि यदि समय पर वेतन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारियों को आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी सम्मानपूर्वक अपने परिवार के साथ होली का त्यौहार मना सकें।
































